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आज का पंचांग

दिन के पाँच अंग (तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण), आपके शहर के सूर्योदय के अनुसार समय के साथ।

दिल्ली

सूर्योदय

6:39 am

सूर्यास्त

5:30 pm

वार

बुधवार

चंद्र राशि

सिंह

पंचांग

तिथि
कृष्ण दशमी तक 11:03 amफिर एकादशी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी तक 3:30 am (5 नव॰)फिर उत्तरा फाल्गुनी
योग
ब्रह्म तक 8:00 amफिर इन्द्र
करण
विष्टि (भद्रा) तक 11:03 amफिर बव

समय

पारंपरिक रूप से शुभ

अभिजीत मुहूर्त

11:42 am – 12:26 pm

नए काम के लिए पारंपरिक रूप से वर्जित

राहु काल
12:04 pm – 1:25 pm
यमगंड
8:00 am – 9:21 am
गुलिक काल
10:43 am – 12:04 pm

दिन का चौघड़िया

  • लाभ6:39 am – 8:00 amशुभ
  • अमृत8:00 am – 9:21 amशुभ
  • काल9:21 am – 10:43 amवर्जित
  • शुभ10:43 am – 12:04 pmशुभ
  • रोग12:04 pm – 1:25 pmवर्जित
  • उद्वेग1:25 pm – 2:47 pmवर्जित
  • चर2:47 pm – 4:08 pmसामान्य
  • लाभ4:08 pm – 5:30 pmशुभ

रात का चौघड़िया

  • उद्वेग5:30 pm – 7:08 pmवर्जित
  • शुभ7:08 pm – 8:47 pmशुभ
  • अमृत8:47 pm – 10:26 pmशुभ
  • चर10:26 pm – 12:04 am (5 नव॰)सामान्य
  • रोग12:04 am (5 नव॰) – 1:43 am (5 नव॰)वर्जित
  • काल1:43 am (5 नव॰) – 3:22 am (5 नव॰)वर्जित
  • लाभ3:22 am (5 नव॰) – 5:01 am (5 नव॰)शुभ
  • उद्वेग5:01 am (5 नव॰) – 6:39 am (5 नव॰)वर्जित

सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के केंद्र के क्षितिज पर आने से (बिना अपवर्तन के, हिंदू सूर्योदय पद्धति) गिने गए हैं, इसलिए मौसम ऐप से कुछ मिनट अलग हो सकते हैं। लाहिड़ी अयनांश। सभी समय स्थानीय (Asia/Kolkata)।

अन्य शहरों का पंचांग

यह पंचांग कैसे बनता है

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, इसलिए हर अंग स्थानीय सूर्योदय पर पढ़ा जाता है और उसका समाप्ति समय आगे खोजकर निकाला जाता है।

चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12° का अंतर एक तिथि है; करण आधी तिथि है; सूर्य और चंद्र के जोड़ का हर 13°20′ एक योग है; नक्षत्र चंद्रमा का 13°20′ का भाग है।

राहु काल, यमगंड और गुलिक दिन को आठ भागों में बाँटकर निकलते हैं। अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 भागों में से 8वाँ है, स्थानीय दोपहर के आसपास।

आम सवाल

आपका सूर्योदय मेरे फ़ोन से कुछ मिनट बाद क्यों है?

मौसम ऐप सूर्य के ऊपरी किनारे और वायुमंडलीय अपवर्तन से सूर्योदय गिनते हैं। पंचांग पारंपरिक रूप से सूर्य के केंद्र को बिना अपवर्तन के लेते हैं, जो कुछ मिनट बाद होता है।

क्या राहु काल हर जगह एक जैसा है?

नहीं। यह स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त पर निर्भर करता है, इसलिए शहर और तारीख़ के साथ बदलता है।