जयपुर पंचांग
दिन के पाँच अंग (तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण), आपके शहर के सूर्योदय के अनुसार समय के साथ।
जयपुर
सूर्योदय
6:42 am
सूर्यास्त
5:38 pm
वार
बुधवार
चंद्र राशि
सिंह
पंचांग
- तिथि
- कृष्ण दशमी तक 11:03 amफिर एकादशी
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनी तक 3:30 am (5 नव॰)फिर उत्तरा फाल्गुनी
- योग
- ब्रह्म तक 8:00 amफिर इन्द्र
- करण
- विष्टि (भद्रा) तक 11:03 amफिर बव
समय
पारंपरिक रूप से शुभ
अभिजीत मुहूर्त
11:48 am – 12:32 pm
नए काम के लिए पारंपरिक रूप से वर्जित
- राहु काल
- 12:10 pm – 1:32 pm
- यमगंड
- 8:04 am – 9:26 am
- गुलिक काल
- 10:48 am – 12:10 pm
दिन का चौघड़िया
- लाभ6:42 am – 8:04 amशुभ
- अमृत8:04 am – 9:26 amशुभ
- काल9:26 am – 10:48 amवर्जित
- शुभ10:48 am – 12:10 pmशुभ
- रोग12:10 pm – 1:32 pmवर्जित
- उद्वेग1:32 pm – 2:54 pmवर्जित
- चर2:54 pm – 4:16 pmसामान्य
- लाभ4:16 pm – 5:38 pmशुभ
रात का चौघड़िया
- उद्वेग5:38 pm – 7:16 pmवर्जित
- शुभ7:16 pm – 8:54 pmशुभ
- अमृत8:54 pm – 10:32 pmशुभ
- चर10:32 pm – 12:10 am (5 नव॰)सामान्य
- रोग12:10 am (5 नव॰) – 1:48 am (5 नव॰)वर्जित
- काल1:48 am (5 नव॰) – 3:26 am (5 नव॰)वर्जित
- लाभ3:26 am (5 नव॰) – 5:04 am (5 नव॰)शुभ
- उद्वेग5:04 am (5 नव॰) – 6:43 am (5 नव॰)वर्जित
सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के केंद्र के क्षितिज पर आने से (बिना अपवर्तन के, हिंदू सूर्योदय पद्धति) गिने गए हैं, इसलिए मौसम ऐप से कुछ मिनट अलग हो सकते हैं। लाहिड़ी अयनांश। सभी समय स्थानीय (Asia/Kolkata)।
अन्य शहरों का पंचांग
आम सवाल
आपका सूर्योदय मेरे फ़ोन से कुछ मिनट बाद क्यों है?
मौसम ऐप सूर्य के ऊपरी किनारे और वायुमंडलीय अपवर्तन से सूर्योदय गिनते हैं। पंचांग पारंपरिक रूप से सूर्य के केंद्र को बिना अपवर्तन के लेते हैं, जो कुछ मिनट बाद होता है।
क्या राहु काल हर जगह एक जैसा है?
नहीं। यह स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त पर निर्भर करता है, इसलिए शहर और तारीख़ के साथ बदलता है।