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ज्येष्ठा नक्षत्र

मुख्य तथ्य

नक्षत्र स्वामी
बुध
देवता
इंद्र
गण
राक्षस
नाड़ी
आदि
योनि
मृग
राशि
वृश्चिक
नामाक्षर (पद)
1: नो · 2: या · 3: यी · 4: यू
विस्तार
16°40′ वृश्चिक → 0°00′ वृश्चिक
मेरी कुंडली बनाएँ

यह पारंपरिक ज्योतिषीय जानकारी है। यह नहीं बताती कि विवाह सफल होगा या नहीं, और किसी रिश्ते को स्वीकार या मना करने का यह अकेला कारण नहीं होना चाहिए।